दरअसल, बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद जमीन माफिया, दलालों और उनसे जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। लगातार हो रही कार्रवाई से न सिर्फ भू-माफिया बल्कि विभागीय अधिकारियों में भी खलबली मची हुई है।
विजय सिन्हा प्रत्येक सप्ताह जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर आम लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याएं सुन रहे हैं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। इस दौरान लापरवाही और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
डिप्टी सीएम की इस सख्ती से नाराज कुछ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है, हालांकि विजय सिन्हा ने साफ कहा है कि वह किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं।
इसी बीच जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की जमीनों की जांच की मांग कर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि यदि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कोई आवेदन प्राप्त होता है तो सरकार नियमों के तहत उस पर विचार करेगी। उन्होंने दोहराया कि बिहार में जमीन माफिया के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
Report - Brajesh Kumar Gaurav
