बिहार में राजस्व अभिलेख नकल की प्रक्रिया हुई डिजिटल
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति (नकल) निर्गत करने की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। विभागीय निर्देश के अनुसार 1 जनवरी 2026 से अब तक प्रचलित भौतिक प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और केवल डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति को ही विधिमान्य सत्यापित प्रति के रूप में मान्यता दी जाएगी।
इस बदलाव के तहत 1 जनवरी 2026 के बाद जिला अभिलेखागार कार्यालय, रोहतास सहित राज्य के किसी भी कार्यालय काउंटर पर राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अब नागरिकों को राजस्व अभिलेखों की विधिमान्य नकल प्राप्त करने के लिए भू-अभिलेख पोर्टल dlrs.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदक पोर्टल पर जाकर निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करेंगे और डिजिटल हस्ताक्षरित सत्यापित प्रति डाउनलोड कर सकेंगे।
हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से पहले काउंटर पर प्राप्त किए गए आवेदनों के आधार पर राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति 8 जनवरी 2026 तक कार्यालय अवधि में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद किसी भी स्थिति में भौतिक प्रणाली के तहत नकल जारी नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते नई ऑनलाइन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
REPORT : Brajesh Kumar Gaurav
